Thursday, 10 September 2026

भाजपा कर रही दलित नेता का अपमान : आत्म-सम्मान रैली से बौखलाई भाजपा


दलितों और आदिवासियों की रहनुमा होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की असलियत कुछ और है। भाजपा के नेता अपनी ही पार्टी के दलित नेता का लगातार अपमान कर रहे हैं। भाजपा के दो-दो बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे दलित नेता कौशल किशोर को जनप्रिय होने का खामियाजा अपनी ही पार्टी के नेताओं से भुगतना पड़ रहा है और लगातार अपमानित होना पड़ रहा है। भाजपा नेताओं की सिद्धांत-विरोधी हरकतों से आजिज दलित नेता को स्वाभिमान बचाओ रैली और आत्म-सम्मान रैली का आयोजन करना पड़े तो भाजपा नेतृत्व के लिए इससे अधिक शर्मनाक बात और क्या होगी। दलित नेता का किया जा रहा अपमान अब व्यापक विरोध की शक्ल लेने लगा है। 13 सितंबर को लखनऊ में प्रेरणा स्थल पर हजारों लोग आत्म-सम्मान की हुंकार करेंगे। एक दलित नेता के अपमान का विरोध आजादी के बाद से लेकर अब तक आम जनता और देश को आजाद कराने के लिए शहादत देने वाले क्रांतिकारियों के अपमान को जोड़ेगा और सिस्टम के समेकित सुधार के अगले आंदोलन की घोषणा में परिवर्तित होगा। आत्म-सम्मान रैली के मंच से उसी दिन एक और जोरदार आंदोलन की घोषणा होगी। इस रैली को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर से विस्तार से बात हुई। आप भी सुनें इस कद्दावर दलित नेता के खिलाफ भाजपा के नेताओं द्वारा की जा रही शर्मनाक हरकतों के बारे में और समझें भाजपा के सैद्धांतिक चोले के अंदर कितना घिनौना चरित्र छुपा है... वाकई, इस देश में न कोई शासन है, न कोई तंत्र... यह है आम के खिलाफ खास का षडयंत्र...