झटके में तो आपको यह व्यक्तिगत मसला लग सकता है... लेकिन इस प्रस्तुति में थोड़ा अंदर झांकेंगे और अपने अंत:करण की सुनेंगे तो आप इस प्रयोग के अनुभवों का सात्विक आनंद उठा पाएंगे। ऐसा मेरा विश्वास है कि यह प्रस्तुति आपको समाचारों की भीड़ और विश्लेषणों की मंडी से अलग की दुनिया में ले जाएगी। शरीर और दिमाग से अलग कभी आत्मा के तल पर भी हमलोग विमर्श कर सकते हैं न..! आप देखेंगे तभी तो यह तय कर पाएंगे... प्रभात रंजन दीन
https://youtu.be/qAJEobXMwxE
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